संवेदनहीनता – तनिक विचार करें*
*संवेदनहीनता – तनिक विचार करें* आज हम सबसे ज्यादा जुड़े हुए हैं और सबसे ज्यादा कटे हुए भी । फोन में हजारों कॉन्टैक्ट्स हैं , सोशल मीडिया पर सैकड़ों फॉलोअर्स हैं, पर पड़ोस में रोते हुए बच्चे की आवाज हमें सुनाई नहीं देती । यही है संवेदनहीनता – दूसरों के दुख, दर्द और जरूरत के …